“sansor” baba on “Success”
बाबा सेंसर कहते है की —- धयान से मन् लगा कर सुनीएगा !!! और अगर आपको ऐसा लगे की यह लाइंस आपके दिल तक पहुँच रही है तो हरेक लाइन के बाद वाह वाह की धुन हमारे कानो तक पहुचने दीजियेगा !
मुझे पता है तुम कितना अकेला महसूस करते हो | पर यह याद रखना की जीवन के इस दौड़ मैं वही सबसे तेज चलता है, जो अकेला चलता है। हमें प्रत्येक अच्छा कार्य पहले असम्भव नजर आता है। पर तुम कभी यह मत भूलना की ऊद्यम ही सफलता की कुंजी है। जीवन के इस मोड़ पर परेशानियों ने तुम्हे घेर रखा हैं ! सब पराये लगते हैं | पर तुम्हे इन परेशानियों से जूझ कर, लड़ कर आगे बढ़ना हैं| भाग्य मैं जो है सो है पर यह याद रखना भाग्य साहसी का ही साथ देता है और संकल्प ही मनुष्य का बल है। तो तुम निराश मत हो ! अपने शक्तियो पर भरोसा करो | तुम ज्ञान का सागर हो | तुम वो पहाड़ हो जो प्रचंड वायु मे भी विचलित नही होते। “यू अरे स्पेशल , बिलीव इत !” सफलता बस अत्यधिक परिश्रम चाहती है। मेहनत, हिम्मत और लगन से कल्पना साकार होती है , मनोरथो से नही | तुम बस कर्म करते जाओ | क्योंकि कर्म करने मे ही अधिकार है, फल मे नही।
यह हमेशा याद रखना आपका बुद्धि ही आपका गुरु है। मैं आशा करता हूँ की आपका दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की हो।
“यह वाह वाह की आवाज़ हमारे कानो तक क्यूँ नहीं पहुँच रही |”

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