Hey dude, you wanna hear something funny?
There was a man who was drowning, and a boat came, and the man on the boat said “Do you need help?” and the man said “God will save me”.
Then another boat came and he tried to help him, but he said “God will save me”, then he drowned and went to Heaven.
Then the man told God, “God, why didn’t you save me?” and God said “I sent you two boats, you dummy!”
यह जो छोटी सी कहानी अपने अभी पढ़ी , यह मैंने नहीं लिखी | उठाई हैं ,”Pursuit of Happyness ” फिल्म से | इसको पढने के बाद आपको शायद बहुत हंसी आई हो , वो जो डूब मर मारा उसपर नहीं , मुझपर ! आप सोच रहे होंगे की क्या पुराना माल सबको बताते रहता हूँ | पर मै एक बात पक्के से कहता हूँ जो में बताने वाला हैं उसे आपने नज़रंदाज़ कर दिया होगा |
यह जो हमारी जिंदगी हैं बहुत छोटी हैं | बस ७० साल की यह जिंदगी में हम दुनिया की सारी खुसिया लपेट लेना चाहते हैं | हम हमेशा सोचते हैं की कहीं से कोई शोर्ट कट मिल जाये और हम सीधे बड़ा आदमी बन जाये | मुझे भी बचपन में पैसे बनाने का बहुत शोक था | मुझे भी एक सपना आता था, जिसमे में देखता था , कुछ बदमास लोग पैसे लेकर भाग रहे हैं और पुलिस उनके पीछे हैं , और डर कर उन्होंने वह पैसे वाला बैग अपने कार के खिड़की से बहार फेक दिया और वह बैग मुझे मिल गया | सपने तो सपना ही रह गया ,अब उससे कुछ नहीं मिला तो बाबागिरी शुरू कर दिया|
में हमेशा से सोचता रहता था की मेरे पड़ोस वाले बाबा इतने ज्ञानी कैसे बने | शुरू तो हमने साथ में ही करा था फिर आज मै इतना कम ज्ञानी कैसे रह गया | फिर में ऊपर वाले को दोष देने लगा , उन्होंने ही मेरी वाट लगायी है , उन्होंने ही मुझे इतना छोटा बना कर भेजा हैं, उन्होंने मुझे ज्ञान पाने की क्षमता क्यूँ कम दी?
फिर उन्होंने कहा, “ये मुर्ख ! जाकर इन्टरनेट पर अपना मेल चेक कर , देख तुमने कितने assignment कॉपी करे हैं | मैंने तुम्हे वो सारी चीज़े दी है जो मैंने सबको दी है | बस तुम्हे उन सब चीजों को इस्तेमाल करना नहीं आया | तुम सिर्फ आगे बढ़ना चाहते थे पर तुम भूल गए आगे बढ़ने के लिए हमें अपने अन्दर कुछ शक्तियों का विकास करना पड़ता है | यह शक्तियां एक दिन में नहीं आ जाती | तुमने वो सारी शक्तियों के बीज को फूटने ही नहीं दिया | अभी भी समय हैं , द्वार अब भी सब के लिए खुला है | आगे बढ़ो, उन छोटी छोटी चीजों को नज़रंदाज़ मत करो, उनके साथ थोडा समय बिताओ, उससे कुछ सीखो क्योंकि एक किताब भी पन्नो का संग्रह है और हमें अगर किताब ख़तम करनी हैं तो हरेक पन्ना पढना जरूरी है | “
फिर मुझे एहसास हुआ , हम हमेशा बड़ी चीज़ के पीछे भागते रहते है और इस बिच हमारे जिंदगी में जो छोटी छोटी oppurunity आती हैं उसे हम नज़रंदाज़ कर देते हैं | उन छोटे छोटे चीजों को पूरा करने की खुसी हम खो देते हैं | एक ऊचे पहाड़ पर चड़ने की कोशिश में हम छोटी छोटे सीडिया भी चड़ना भूल जाते हैं | मंजिल तक पहुचने के प्रयास करने के वाजाय हम मंजिल को एक बार में ही पाना चाहते हैं | पर हम भूल जाते हैं सीडी सिर्फ चड़ने का ही जरिया नहीं पर एक आरामदायक स्थल भी हैं जहाँ हम थोड़ी देर बैठ कर आराम भी कर सकते हैं और फिर से ताज़े मन से ऊपर चढ़ सकते हैं | सीडिया हमारे लिए एक मापक यन्त्र की तरह भी काम करती हैं | हम सीढियों को गिन कर यह बता सकते हैं हम कितने ऊपर बैठे हैं | पर अगर जीवन में २ ही सीडिया हो तो हमारा जीना भी ० – १ में बदल जाता हैं | ० से १ पर अचानक से पहुचने की खुसी तो बहुत होती हैं पर वह खुसी क्षण भर के लिए ही होती है |
तो फिर भक्तजनो थोडा देर बैठ कर आराम से सोचिये की आपको चाहिए क्या इस जिंदगी से | फिर एक एक करके उनको छोटे छोटे कणों में विभाजित करे | फिर हर कण को धीरे धीरे अपने इस सुनहरी धागे {life} में पिरोये |
अब आप ताली बजा सकते है |
{चारो तरफ से तालियाँ ही तालियाँ | बाबा की चेहरे पर मुस्कान फिर से नज़र आती हुई | “खुसी” तो “खुसी” ही होती हैं क्यूंकि “खुशी – happiness is something that we can only pursue and maybe we can actually never have it. No matter what. }